छत्तीसगढ़

बृजमोहन अग्रवाल ने संत नामदेव महाराज जी की जयंती पर किया कोटि-कोटि नमन

Shantanu Roy
9 Nov 2025 9:47 PM IST
बृजमोहन अग्रवाल ने संत नामदेव महाराज जी की जयंती पर किया कोटि-कोटि नमन
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Raipur. रायपुर। राजधानी में संत नामदेव महाराज जी की जयंती पर भक्ति और श्रद्धा का अनोखा माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर नामदेव समाज विकास परिषद् द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल समेत समाज के वरिष्ठ एवं युवा सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने संत नामदेव महाराज जी को कोटि-कोटि नमन अर्पित किया और उनके जीवन एवं शिक्षाओं पर चर्चा की। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि संत नामदेव महाराज जी केवल संत ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक और ईश्वर प्रेम के प्रतीक भी थे। उन्होंने समाज में जातिवाद और अन्य भेदभावों को तोड़कर भक्ति और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने उपस्थित लोगों को संदेश दिया कि संत नामदेव महाराज जी का आदर्श हमें सिखाता है कि सच्ची आराधना केवल भक्ति में नहीं, बल्कि कर्म, करुणा और सेवा में भी है।

सामाजिक दृष्टि से यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण रहा। समाज के लोगों ने संत नामदेव महाराज जी के आदर्शों पर चर्चा करते हुए बताया कि उनका जीवन प्रेम, सेवा और समरसता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि संत नामदेव महाराज जी ने जाति-पांति और भौतिक बंधनों से मुक्त होकर भक्ति का मार्ग दिखाया, जो आज भी समाज में प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ सदस्य और युवा वर्ग दोनों ने भाग लिया। उन्होंने संत नामदेव महाराज जी के संदेशों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। उपस्थित लोगों ने कहा कि संत का जीवन हमें मानवता, सहिष्णुता और दूसरों की सेवा की ओर प्रेरित करता है। कार्यक्रम में संत नामदेव महाराज जी की मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

संत नामदेव समाज विकास परिषद् के अध्यक्ष ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल भक्ति व्यक्त करना नहीं है, बल्कि समाज में उनके आदर्शों को जीवन में उतारना और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि संत नामदेव महाराज जी का संदेश आज भी प्रासंगिक है और हर व्यक्ति के जीवन में प्रेम, एकता और सेवा के भाव को जगाता है। कार्यक्रम के अंत में भक्ति गीतों और प्रवचन के माध्यम से संत नामदेव महाराज जी के जीवन के प्रेरक प्रसंग साझा किए गए। समाज के लोगों ने इस अवसर पर संकल्प लिया कि वे संत के आदर्शों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करेंगे। पूरे कार्यक्रम के दौरान संत नामदेव महाराज जी की शिक्षाओं का महत्व, उनके द्वारा स्थापित सामाजिक समरसता और मानवता के मूल्यों पर जोर दिया गया। यह जयंती न केवल भक्ति का प्रतीक बनी, बल्कि समाज में एकता, सेवा और करुणा के संदेश को भी फैलाने का अवसर बनी।
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